लोहाघाट। नगर लोहाघाट में 124 वें वर्ष में प्रवेश कर रही रामलीला के तीसरे दिन सीता स्वयंवर के बाद परशुराम लक्षमण संवाद तक की लीला का मंचन किया गया। इस दौरान रामलीला मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहा।
श्रीराम सेवा सांस्कृतिक रामलीला कमेटी अध्यक्ष जीवन मेहता की अध्यक्षता में रामलीला शुरू हुई। मुख्य अतिथि नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनीष जुकरिया रहे। विशिष्ट अतिथि व्यापार मंडल महामंत्री विवेक ओली, उपाध्यक्ष दिनेश सुतेड़ी, कोषाध्यक्ष टीकादेव खर्कवाल,प्रदेश संगठन मंत्री भैरव राय, निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा,भाजपा कार्यकारिणी प्रदेश संगठन मंत्री सतीश पांडेय, चंद्रशेखर राय, कैलाश खर्कवाल, कुलदीप देव, ब्रजेश माहरा,एडवोकेट नवीन मुरारी, डॉ. महेश ढेक रहे। आयोजित रामलीला में जनक दरबार में सीता स्वयंवर का मंचन, देश विदेश के राजाओं ने धनुष को तोड़ने की कोशिश की। रावण का प्रवेश, अंत मे राम का धनुष तोडना, राम-सीता विवाह और परशुराम-लक्षमण संवाद का मंचन दिखाया गया। रामलीला में परशुराम-लक्षमण के संवाद को दर्शकों को खूब सराहा गया। राम के पात्र नवनीत पांडेय, लक्षमण के पात्र ह्दयांस पांडेय, सीता की पात्र प्रज्ञा मेहता, रावण आशु वर्मा, परशुराम नवीन बोहरा,जनक जीवन कलौनी, वाणासुर नवीन पांडेय और द्वारपाल के पात्र दानु सुतेड़ी ने बेहतर अभिनय का प्रदर्शन किया। संचालन नरेश रॉय ने किया। यहां महासचिव मुकेश साह, संरक्षक प्रहलाद मेहता, विपिन वर्मा, जीवन गहतोड़ी, आनंद पुजारी, जीवन कलौनी, ईश्वरी साह, पारस जुकरिया, क्षितिज जुकरिया, कीर्ति बगौली, कैलाश बगौली, मनोज साह, अजय कलखुड़िया,हरीश मेहता, दीपक सुतेड़ी, हेमंत पांडेय आदि रहे।






















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