लोहाघाट। सोर घाटी के सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर पूर्ति निरीक्षक कार्यालय के पास धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कार्य बहिष्कार के दौरान राशन का वितरण और उठान नहीं किया। कहा कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सोमवार को सोर घाटी सस्ता गल्ला विक्रेता समिति के जिलाध्यक्ष प्रकाश सिंह बोहरा के नेतृत्व में एकत्रित हुए सस्ता गल्ला विक्रेता कार्यालय के मुख्य गेट पर धरने पर बैठे। बाद में सोर घाटी संस्था के गल्ला विक्रेता संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज पांडेय भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से तीन नवंबर को देहरादून में प्रदेश के सभी 13 जनपदों के जिला अध्यक्षों और प्रदेश अध्यक्ष के साथ गल्ला विक्रेताओं की समस्याओं को लेकर बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सस्ता गल्ला विक्रेताओं को मानदेय देने, नेटवर्क की समस्या का समाधान करने, दिल्ली सरकार की तर्ज पर कांटे और तराजू उपलब्ध कराने तथा मिड-डे मील (एमडीएम) का पिछले 10 वर्षों का भुगतान करने सहित विभिन्न मांगें बैठक में रखी जाएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विक्रेताओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशभर के सस्ता गल्ला विक्रेता सामूहिक रूप से इस्तीफा देने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर रमेश सिंह ढेक, सुरेश चंद्र जोशी, चंद्र मोहन जोशी, बसंत विश्वकर्मा, कैलाश चौबे, भुवन चंद्र भट्ट, हेमंत कुमार, सरिता अधिकारी,मोहन सिंह, विक्रम सिंह, केदार दत्त, होशियार सिंह, महेंद्र सिंह सामंत, विक्रम सिंह धौनी और हरीश चतुर्वेदी सहित कई विक्रेता मौजूद रहे।


























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