रिपोर्ट : जगदीश राय
लोहाघाट। जीआईसी मध्य गंगोल में शिक्षक इंद्र लाल वर्मा की सेवा निवृत्ति स्कूल स्टाफ सहित छात्र-छात्राओं ने भावभीनी विदाई दी। इस दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।
जीआईसी मध्य गंगोल के प्रधानाचार्य राकेश जोशी की अध्यक्षता पर आयोजित कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ और छात्र छात्राओं ने सामाजिक विज्ञान के शिक्षक इंद्र लाल वर्मा के सेवा निवृत होने पर भावभीन विदाई दी। वक्ताओं ने बताया कि शिक्षक वर्मा ने 39 साल की अभूतपूर्व सेवा में शिक्षण के साथ-साथ डीपीईपी, एसएसए साक्षर भारत से जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में बतौर ब्लॉक समन्वयक,जिला समन्वयक अनुकरणीय सेवाएं दीप। शिक्षक वर्मा उत्तराखंड के अग्रणी साहित्यकारों में हैं। उनकी पर्यटन एवं संस्कृति पर आधारित तीन पुस्तकें उत्तराखंड का सीमांत जनपद चम्पावत, चंपावत के दर्शनीय स्थल एवं चंपावत का सांस्कृतिक वैभव प्रकाशित हुई हैं। जिला प्रशासन चंपावत एवं संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार से प्रकाशित इन पुस्तकों में वर्मा ने चंपावत के इतिहास संस्कृति एवं पर्यटन विकास पर व्यापक लेखन किया है।
विदाई के अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया। छात्र-छात्राओं ने अत्यंत भावुक होकर अपने प्रिय शिक्षक को विदाई दी। छात्र-छात्राओं की नम आंखें शिक्षक वर्मा के प्रति आदर, समर्पण और कार्य के प्रति दायित्व और छात्र प्रेम को दर्शा रही थी। छात्रा रिया बोरा,सुहानी देव ने अपने सम्बोधन में वर्मा को एक आदर्श शिक्षक बताया। दोनों छात्राओं ने पूरे विद्यालय के माहौल को काफी भावुक कर दिया। विद्यालय स्टाफ में शीला जोशी, गीता पाटनी,करन टोलिया,रमेश गड़कोटी, एवं संचालक चंद्रशेखर टिटगाई ने अपने संबोधन में वर्मा के कार्य व्यवहार, एवं विद्यालय के प्रति उनके योगदान की सराहना की। वरिष्ठ शिक्षक जगत सिंह सामंत एवं प्राचार्य राकेश जोशी ने बताया गया कि वर्मा उत्तराखंड के शिक्षकों में अत्यधिक लोकप्रिय हैं विद्यालय स्टाफ उनके मधुर व्यवहार, शालीनता,कर्मठता का मुरीद है। कार्यक्रम में शिक्षक कैलाश उपाध्याय, करन टोलिया,रमेश गड़कोटी,सुशील ओली,शीला जोशी, सुनीता,गीता पाटनी,चंद्रकांता,पूनम त्रिपाठी,मीनू अधिकारी, नेहा गड़कोटी सहित उनके परिवारजन में पत्नी संगीता वर्मा पुत्र देश दीपक वर्मा एवं पुत्री दीपशिखा शामिल रहीं।
























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