लोहाघाट। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने बिलों का भुगतान करने के बाद भी राशन बांटने वाली मशीन लगाने का निर्णय लिया। उन्होंने लंबित मांगों के लिए प्रदर्शन किया।
मंगलवार को राजकीय खाद्यान्न भंडार लोहाघाट में सोरघाटी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष प्रकाश बोहरा की अध्यक्षता पर बैठक हुई। उन्होंने कहा कि जब तक कोरोनाकाल से लंबित बिलों का भुगतान नहीं किया जाता और शेष बिलों का प्रति माह उनके खाते में भुगतान नहीं होता है वह राशन की दुकानों में ई पोश डिजिटल मशीनों को नहीं लगने देंगे। उन्होंने कहा कि विभाग ने राशन की तोलने के लिए डीजिटल मशीन तो लगा दी, लेकिन गोदाम में अब तक धर्मकांटा नहीं लगाया गया। जिससे राशन के बोरों में कम राशन होने पर उपभोक्ता को डीजिटल मशीन से तोलने पर उनको अपनी जेब से अतिरिक्त भुगतना होगा। उन्होंने कहा कि विभाग तकनीकि कार्य बढा रही तो उनका लाभांश भी बढाना चाहिए और महीने में कम से कम 30 हजार रुपया मानदेय देना चाहिए। राशन विक्रेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, वह राशन तोलने वाली डिजिटल ई पोश मशीन नहीं लगाएंगे। इसके लिए वह बुधवार को डीएम और डीएसओ से भी चम्पावत में मिलेंगे। इस मौके पर सुरेश जोशी,दीपक पुजारी, चन्द्रमोहन जोशी, रामू ढेक, सलीम जावेद, सतीश बगौली, प्रदीप लडवाल, शेर सिंह फर्त्याल, राजेन्द्र फर्त्याल, भुवन चन्द्र भट्ट, होशियार सिंह, हेमंत कुमार, कृष्ण कुमार, मोहन सिंह, हरीश जोशी, ईश्वरी दत्त, नाथ सिंह, जोगा सिंह, निर्मला बगौली, राजेन्द्र सिंह, मदन सिंह, रुप सिंह, नारायण चन्द्र पांडेय,केदार दत्त जोशी आदि मौजूद रहे।






















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