
:::कार्यशाला में पिरुल से कई क्राफ्ट तैयार किए गए
लोहाघाट। डायट लोहाघाट में लोकल क्राप्ट पिरुल आधारित और बैगलेस डे कार्यशाला का समापन हो गया है। दो कार्यशालाओं में जिले के 97 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहीं। इस दौरान खेतीखान जीआईसी की शिक्षिका कमला वेदी की पुस्तक नान पंखोंकि ठुलि उड़ान का विमोचन किया।
शुक्रवार को डायट लोहाघाट में प्रभारी प्राचार्य दिनेश खेतवाल की अध्यक्षता पर दोनों कार्यशालाओं का एसडीएम रिंकू बिष्ट ने समापन किया। उन्होंने प्रशिक्षण में लिए गए अनुभवों को स्कूल स्तर पर तक ले जाने को कहा। कार्यशाला समन्वयक डॉ. कमल गहतोड़ी ने बताया कि कार्यशाला के दौरान पिरुल से कई सजावटी, रोजमर्रा में प्रयोग होने वाले सामान, और आभूषण आदि बनाए गए हैं। जिनकी राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय बाजार में बेहतर कीमतें मिल रहीं हैं। उन्होंने बताया कि पिरुल से वस्तुएं बनाकर एक ओर जहां क्षेत्र के लोगों में रोजगार की अपार संभावनाएं होंगी, वहीं पिरुल के कारण होने वाली वनाग्नि को भी कम करने में मदद मिलेगी। इस मौके पर संदर्भदाता के रूप में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के विवेक पंत, जसप्रीत, उर्मि प्रिया, मुकेश सती, महेश पोखरिया, ऋषि देव, गौरव वशिष्ठ, रमेश जोशी, पिरुल संस्था की सुनीता देवी, मानसी, अनीता और पार्वती धोनी ने सराहनीय भूमिका अदा की। कार्यशालाओं में डाइट प्रवक्ता डॉ. अनिल मिश्र,शिवराज सिंह तड़ागी, दीपक सोराड़ी, योगिता पंत, भगवती जोशी,कैलाश फर्त्याल, मंजू मेहता, हरीश गहतोड़ी, प्रकाश उपाध्याय, इंद्र लाल वर्मा, मनीष गोस्वामी, राजू कुमार, अरिमर्दन यादव, सुनीता कालाकोटी, दीपशिखा, चन्द्रकिशोर पांडेय, नरेश फर्त्याल,सुनील पांडेय आदि ने सहयोग किया।





















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