लोहाघाट। भारी बारिश से बाराकोट और लोहाघाट में कई जगह नुकसान हो गया है। कहीं मार्ग बंद है तो कही पर भवन मलबे में दब गए और सेलपेड़ू गांव में तो दो गायों की मौत हो गई है।
रविवार को भी सुबह से लगातार बारिश के चलते गल्लागांव-देवलीमाफी मार्ग नहीं खोला जा सका। लोगों को पैदल आवाजाही के लिए मजबूर होना पड़ा। इसी मार्ग में स्थित जीआईसी डोबाभागू की सुरक्षा दीवार ढह गई, जिससे स्कूल को खतरा पैदा हो गया। इसके साथ ही डोबाभागू में पूर्णानंद तिवारी की गौशाला और तड़ीगांव में रतन राम की गौशाला खतरे की जद में आ गई है। क्षेत्र के जागरुक युवा मनोज तिवारी, ग्राम प्रधान हेमा तिवारी, जगदीश तिवारी, राधिका देवी, उमेश तिवारी आदि ने प्रशासन से सड़क खोलने और नुकसान का जायजा लेने के लिए स्थलीय निरीक्षण की मांग उठाई है।
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पाड़ासौसेरा में भवन जमीदोज
लोहाघाट। बाराकोट के पाड़ासौसेरा में बारिश के चलते बसन्त सिंह का आवासीय भवन जमीदोज हो गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त भवन में परिवार का कोई सदस्य मौजूद न था। गांव के कृष्णा अधिकारी, प्रहलाद सिंह,उमेश सिंह अधिकारी, नारायण सिंह अधिकारी, दिनेश नाथ गोस्वामी ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग उठाई।
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सुल्ला में भवन मलबे में दबा, सेलपेड़ू में दो गायों की मौत
लोहाघाट। बारिश से विकास खंड लोहाघाट के सुल्ला गांव में चार भवन खतरे की जद में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि त्रिलोक सिंह ने बताया कि भारी बारिश से दशरथ राम के भवन का एक हिस्सा मलबे में दब गया है। इसके साथ ही जोगा राम के भवन में दरारें आने से खतरे में आ गया है। सुरेश राम की झोपड़ी में पानी और अर्जुन सिंह की गोशाला ध्वस्त हो गई है। ग्राम प्रधान ने बताया कि पीड़ित परिवारों ने अन्यत्र शरण ली है। उन्होंने बताया कि गांव की पेयजल लाइन भी ध्वस्त हो गई है। करीब तीन साल पहले भी सुल्ला गांव में आपाद के दौरान मलबे में दबकर चार लोगों की जान चली गई थी। इधर मचपीपल में भी हीरा देवी के घर और शौचालय खतरे की जद में आ गए हैं।






















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