लोहाघाट। नगर लोहाघाट में आयोजित रामलीला में मंच के पीछे कार्य करने वालों का एक अहम रोल माना जाता है। यही लोग कलाकारों को जीवंत अभिनय की प्रेरणा देते हैं और मेकअप के जरिए कलाकारों के चेहरे में जान फूंकने का कार्य करते हैं।
श्रीराम सेवा सांस्कृतिक रामलीला कमेटी अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता और महासचिव मुकेश साह ने बताया कि इस बार इस बार नगर की रामलीला 124 वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। लोहाघाट की रामलीला प्रसिद्ध होने के कारणों में पर्दे के पीछे के कलाकारों को गायन, एक्टिंग और सुरताल का निर्देशन देने वालों का भी अहम रोल माना जाता है। वर्तमान के दौर की बात कहें तो निर्देशन में जीवन गहतोड़ी, विपिन वर्मा, अजय कलखुड़िया, राजन राय और सतीश राजन का महत्वपूर्ण योगदान है। अब बात करें मेकअप की जिसमें नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी किशोर चतुर्वेदी और हेमंत पांडेय हमेशा की तरह शाम होते ही रामलीला मैदान में अपना योगदान देने पहुंच जाते हैं। मेकअप मैन किशोर चतुर्वेदी बताते हैं कि वह पहले वाणासुर और मेघनाद का किरदार निभाया करते थे। करीब 18 साल से वह अब मेकअप मैन की भूमिका में रहते हैं। चतुर्वेदी बताते हैं कि रामलीला के दौरान वह रोजाना अपनी दुकान से समय से पहले ही रामलीला मंच में आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रभु राम के काम में उन्हें मेकअप करने में एक आत्मीय सुख की अनूभूति होती है। इसके साथ ही वेशभूषा में ईश्वरी लाल साह, अर्जुन ढेक, कीर्ति बगौली अपना योगदान देते आये हैं।






















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