
लोहाघाट। जिले की नेपाल सीमा से लगे जीआईसी विविल को उत्तराखंड में पहली बार वाहन सेवा मिली। इस दौरान लोगों ने सीएम का आभार जताया।
गुरुवार को जिला खान अधिकारी चित्रा जोशी और भाजपा जिला उपाध्यक्ष मोहित पाठक ने स्कूल को मिले दो वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला उपाध्यक्ष पाठक ने बताया कि नेपाल सीमा से लगे क्षेत्र जीआईसी विविल में करीब 28 किलोमीटर पैदल चलकर रोजाना 35 छात्र-छात्राएं स्कूल में पढने के लिए आती थीं। लोगों की मांग के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी और डीएम नवनीत पांडेय की पहल पर स्कूल को दो सरकारी वाहन मिल गए हैं। जिससे अब छात्र-छात्राओं को पैदल स्कूल नहीं आना पड़ेगा। पाठक ने बताया कि स्कूल दूर होने और वाहन सुविधा न होने के कारण लोग क्षेत्र से पलायन कर लोहाघाट आदि शहरों में अपने नौनिहालों को पढाने के लिए मजबूर हो गए थे। उन्होंने बताया कि वाहन की सुविधा जिला खनिज न्यास से मिली है। पाठक ने बताया कि डीएम ने मात्र 15 दिनों के अंदर उनकी मांग को धरातल पर उतारा है। वाहन सुविधा मिलने के बाद पूरे में क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताकर भाजपा जिला उपाध्यक्ष मोहित पाठक, जिला पंचायत सदस्य प्रीति पाठक, सीएम धामी और डीएम का आभार जताया। इस मौके पर ग्राम प्रधान खाईकोट गंगा देवी, पूर्व प्रधान आनदेव पंत, गणेश सिंह, होशियार सिंह, श्याम पंत, गणेश पंत, खीमानंद सुतेड़ी, युगल धौनी, देवेन्द्र अधिकारी, प्रेम बल्लभ, लक्ष्मी दत्त आदि मौजूद रहे।






















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