::: हमारे साथ भी न्याय हो
लोहाघाट। पंचायत प्रतिनिधियों की जिला पंचायत अध्यक्ष की तर्ज पर प्रशासक बनाने की मांग पर पांच दिसंबर को देहरादून कूंच कार्यक्रम टला। शासन ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। इसके अनुसार अब निवर्तमान ग्राम प्रधान, ब्लाक प्रमुख और बीडीसी सदस्यों में प्रशासक बनने की मांग पर आस जगी है।
बुधवार को ग्राम प्रधान संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता अधिकारी ने कहा कि पूरे प्रदेश में बीते एक साल से पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल दो साल बढाने की मांग उठी थी। लेकिन सरकार ने उनकी न सुनी। जब पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त हुआ तो सरकार ने केवल जिला पंचायत अध्यक्षों को ही प्रशासक बनाने का शासनादेश लागू किया। ग्राम प्रधान संगठन प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष की तर्ज पर अन्य पंचायत प्रतिनिधियों को भी प्रशासन बनाने की मांग पर पूरे प्रदेश में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन और पांच दिसंबर को देहरादून कूंच करने का निर्णय लिया। जिसमें वह बुधवार को देहरादून की ओर जा रहे थे तो इसमें शासन की ओर से पंचायत प्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। जिसमें उन्होंने पांच दिसंबर को देहरादून कूंच का निर्णय स्थगित कर दिया है। अब शासन को निर्णय पर संसोधन करके 9 दिसंबर तक रिपोर्ट देनी हैं। सरिता ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष को प्रशासक बनाने का उन्होंने स्वागत किया है, साथ सरकार को चाहिए कि निवर्तमान ग्राम प्रधान, ब्लाक प्रमुख और बीडीसी सदस्यों को भी प्रशासक बनाने का शासनादेश लागू करना चाहिए। जिससे कि एक देश एक विधान की धारणा धरातल पर उतर सके





















Leave a comment