🔹 हिमवत्स साइंस आउटरीच प्रोग्राम के तहत नवाचार की मिसाल, विद्यार्थियों ने सीख को बनाया अनुभव
लोहाघाट। गुरुकुलम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खूना में हिमवत्स साइंस आउटरीच प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय विज्ञान कार्यशाला ने विद्यार्थियों के सीखने के तरीके को एक नया आयाम दिया। मानव शरीर विज्ञान विषय पर आधारित इस कार्यशाला में पढ़ाई को किताबों से निकालकर सीधे अनुभव से जोड़ने का प्रयास किया गया।
कक्षा 8 के 25 छात्र-छात्राओं ने इस कार्यशाला में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कार्डबोर्ड की सहायता से मानव शरीर के 17 आंतरिक अंगों के सजीव एवं आकर्षक मॉडल तैयार किए। इस दौरान विद्यार्थियों ने न केवल अंगों की संरचना और कार्यप्रणाली को समझा, बल्कि विज्ञान को देखने, समझने और स्वयं करने का वास्तविक अनुभव भी प्राप्त किया। पूरा वातावरण जिज्ञासा, उत्साह और नवाचार से भरपूर रहा।
कार्यशाला का प्रभावी संचालन हिमवत्स संस्था के रिसोर्स पर्सन पंकज सिंह बोहरा द्वारा किया गया, जबकि पवन पाण्डेय का विशेष सहयोग रहा।
विद्यालय के प्रबंधक राजेश पाण्डेय ने बताया कि ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और रचनात्मकता को भी नई ऊंचाई देती हैं। गुरुकुलम एकेडमी में हम शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसे जीवन से जोड़ने का निरंतर प्रयास करते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय की कोऑर्डिनेटर कविता पुनेठा एवम् शिक्षकगण चंद्रभानु गहतोड़ी, मनमोहन गहतोड़ी, अमित तिवारी, महेंद्र जोशी, रियाज़ अहमद, अंकित देव, शशांक पाण्डेय एवं काजल बिष्ट आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।
























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