लोहाघाट। नगर लोहाघाट में 125 वें वर्ष में प्रवेश कर रही रामलीला के सातवें दिन सीता हरण तक लीला का मचंन किया गया। रामलीला देखने हजारों की संख्या में लोग आए। मालूम हो कि इस बार नगर लोहाघाट की रामलीला 125 वें वर्ष में प्रवेश कर रही है, जिस कारण रामलीला मंचन के दौरान कई शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है।
रविवार को श्रीराम सेवा सांस्कृतिक रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जीवन मेहता की अध्यक्षता पर आयोजित रामलीला में पंचवटी में सूपर्णखा का प्रवेश करना और लक्ष्मण का सूपर्णखा का नासिका विच्छेदन करना। सुपर्णखा का खरदूषण दरबार में रोते हुए जाना और खर और दूषण का राम के साथ युद्ध और खर और दूषण का युद्ध भूमि में मारा जाना। सूपर्णखा का रावण दरबार में रोते हुए प्रवेश करना। पहले रावण का अपने मामा मारीच को राम के पास मायावी सोने का हिरन बनने का आदेश देना और मारीच का पंचवटी में जाना। इसके बाद राम का हिरन मारने जाना और सीता को अकेली देख रावण का जोगी रुप में हीरा का हरण करने की लीला का आकर्षक मंचन किया गया। इसके बाद राम लक्ष्मण का सीता की खोज में जाने का दृश्य दिखाया गया । रावण के पात्र आसू वर्मा के किरदार को लोगों ने काफी सराहा। संचालन नरेश राय ने किया। इस मौके पर संरक्षक प्रदलाद सिंह मेहता, डायरेक्टर अजय कलखुड़िया, आनंद पुजारी, कीर्ति बगौली, दीपक सुतेड़ी, हरीश मेहता, रोहन राजपूत, सतीश राजन, राजन राय, किशोर चतुर्वेदी, हेमंत पांडेय, क्षितिज जुकरिया, विनोद गोरखा आदि मौजूद रहे।






















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