लोहाघाट। तीलू रौतेली पुरस्कार के वितरण में अनियमिता का आरोप लगाते हुए सरिता अधिकारी ने डीएम को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में उन्होंने बाल विकास विभाग में जमा किए आवेदन की जांच की मांग उठाई है।
ग्राम प्रधान संगठन की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता अधिकारी ने डीएम मनीष कुमार को दिए ज्ञापन में कहा कि उन्होंने बीते एक साल पहले बाल विकास विभाग में तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए आवेदन किया था और इस बार भी वर्ष 2025 में बाल विकास विभाग में आवेदन किया है। सरिता ने आरोप लगाया कि उनकी फाइल न तो बीते साल शासन को भेजी गई थी और न इस साल भेजी गई है। सरिता ने डीएम से फाइल की जांच करवाने की मांग की है, जिससे कि भविष्य में भी गरीब असहाय लोगों की मदद करने में हौसला बरकरार रहे। सरिता ने बताया कि वह किमतोली ग्राम सभा से दो बार निर्विरोध ग्राम प्रधान रह चुकी हैं। इससे पहले सरिता ने कहा कि कम उम्र में ही उनके पति का निधन हो गया था। जिसके बाद दो बच्चों का भार कंघे पर आने के बाद उनके उपर विपत्तियों का पहाड़ टूट गया। कभी मजदूरी, कभी बर्तन घोकर और घास काटकर अपने बच्चों को पाला। उनके सामने कई चुनौतियां आई, लेकिन उन्होंने संघर्ष करके अपने साथ कई महिलाओं को भी हौसला दिया। बीते कई सालों से उन्होंने पीड़ित महिलाओं, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाकर उनकी दवा का इंतजाम और बुजुर्गों की सेवा को अपना धर्म बनाया है। इसके साथ पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन में हमेशा आगे रहते हुए कई कार्यों को मूर्त रुप दिया है। जिनके प्रमाण पत्र भी उनके आवेदन में संलग्न हैं।






















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