लोहाघाट। पीजी कॉलेज लोहाघाट में जीआई टैग पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का शुभारंभ हो गया है। इस दौरान विषय विशेषज्ञों ने जीआई टैग पर आधारित विभिन्न शौध पत्रों को प्रस्तुत किया।
कॉलेज की प्राचार्य प्रो. संगीता गुप्ता की अध्यक्षता पर आयोजित राष्ट्रीय सेमीनार में मुख्य अतिथि यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत रहे। विशिष्ट अतिथि निदेशक एमएमआरडी जेएनयू, यूजीसी प्रो. रविशेखर ने बताया कि जीआई टैग एक प्रकार का सम्मान का प्रतीक है, जो उत्पाद को हाई वैल्यू देता है। पीजी कॉलेज बाजपुर के प्राचार्य प्रो. केके पांडेय ज्ञान ने कहा कि लुप्त हो रही संस्कृति को फिर से जीवित करना सबका उत्तरदायित्व है। प्रो. सीडी सूंठा ने कहा कि अपने उत्पादों के संरक्षण के लिए जीआई टैग एक बेहतर माध्यम है। एग्जामिनर पेटेंट एंड इंडस्ट्री, मिनिस्ट्री ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स यासिर अब्बास ने जीआई टैग को प्राप्त करने की प्रक्रिया बताई। प्रो. मनोज पांडेय ने कहा कि भारत के हर राज्य से अनेक जीआई टैग प्राप्त कर आर्थिक विकास में इजाफा किया जा सकता है। कार्यक्रम आयोजक डॉ. अर्चना त्रिपाठी ने बताया कि दो दिन चलने वाली यह कांफ्रेंस हाइब्रिड मोड पर आयोजित की जा रही है। जिसमें 70 से ज्यादा शोध पत्र पढ़े जाएंगे। इनमें से चुने गए शोध पत्रों को संपादकीय पुस्तक के रूप में प्रकाशित कराया गया है। इस दौरान संपादकीय पुस्तक जीआई टैग फॉर टूमारो का विमोचन किया गया। संचालन डॉ. सोनाली कार्तिक ने किया। यहा डॉ. बीपी ओली, गुरुकुल कांगड़ी के प्रो. मयंक अग्रवाल, प्रहलाद अधिकारी, प्रेम सिंह बिष्ट, सूरज शर्मा, प्रतिभा नेगी, कल्पना, पूजा लोहिया, पूनम व रीता पांडेय सहित कई शौधार्थी रहे। इस अवसर पर डा. लता कैडा, डा. अपराजिता, डा. कमलेश शक्टा, डा. रुचिर जोशी, डा. महेश त्रिपाठी, डा. रवि सनवाल, डा. भगत लोहिया, डा.नीरज काण्डपाल, डा. दीपक जोशी, डा. बंदना चंद, चंद्रा जोशी सहित एनसीसी के कैडेट एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।






















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