लोहाघाट। उत्तराखंड क्रांति दल के केन्द्रीय अध्यक्ष पूरन सिंह कठैत ने कहा कि कैनिबेट मंत्री प्रेमचन्द्र अग्रवाल ने पहाड़ की जनता का अपमान किया है। उन्हें तुरंत बर्खास्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन में विधायकों के चुप रहने भी पर 10 मार्च को उनके साथ सवाल-जवाब किए जाएंगे।
शुक्रवार को यूकेडी के केन्द्रीय अध्यक्ष कठैत ने लोहाघाट में पार्टी के जिलाध्यक्ष केडी सुतेड़ी के आवास में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापन जनता के संघर्ष और 42 लोगों से अधिक शहादत की बदौलत हुई है। प्रदेश में बने विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री को राज्य के लोगों का ऋणी होना चाहिए। लेकिन बजट सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द्र अग्रवाल ने खुलकर आवेश में पहाड़ के प्रति असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया है, यह शब्द उनके मुंह से अनायास नहीं निकले, जबकि लंबे समय से उनके अंतर्मन में दुर्भावना कूट-कूट भरी है। जो सदन के लिए सरकार के लिए और पूरे प्रदेश के लिए निहायत शर्मशार करने वाली बात है। जिससे पहाड़ की जनता में भारी आक्रोश है। ऐसे जनप्रतिनिधि को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए। केन्द्रीय मंत्री बोले कि बजट सत्र में केवल बद्रीनाथ के विधायक लखपत सिंह बुटोला ने ही अमर्यादित शब्दों को विरोध किया। लेकिन अन्य कोई विधायक या मंत्री इसमें आगे नहीं आया। उन्होंने कहा कि सीएम और विधानसभा अध्यक्ष भी अग्रवाल के समर्थन पर दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि 10 मार्च को सभी विधायकों को ज्ञापन देकर सवाल पूछा जाएगा कि आखिर वो चुप क्यों रहे। केन्द्रीय अध्यक्ष ने कहा कि इस पर संज्ञान लेना आवश्यक है, जिससे कि भविष्य में इस प्रकार की हरकत न हो। उनके साथ केन्द्रीय प्रवक्ता जबर सिंह पावेल, युवा प्रकोष्ठ के केन्द्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी आदि मौजूद रहे।






















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