लोहाघाट। तीलू रौतेली पुरस्कार प्राप्त शांभवी मुरारी ने वनाग्नि को रोकने के लिए लोगों को जागरुक किया। उन्होंने लोगों से अभी से वनाग्नि की रोकथाम के प्रयास करने की अपील ही।
शांभवी मुरारी ने लोहाघाट के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरुक किया। कहा कि जंगल सब लोगों की प्राकृतिक संपदा है। लोगों को जंगलों में न तो बीड़ी-सिगरेट फेंकनी चाहिए और न ही आग नहीं लगानी चाहिए। यह अशोभनीय होने के अलावा दंडनीय भी है। जंगल में आग लगने से पर्यावरण, वन्य जीव, जड़ी बूटी और छोटे बड़े पेड़ पौधों को नुकसान होता है। शांभवी ने कहा कि बीते साल वनाग्नि की घटनाओं से देवभूमि में प्रदूषण महानगरों की श्रेणी को भी पार कर गया था। उन्होंने सब लोगों से सामूहिक प्रयासों से मिलकर वनाग्नि को चुनौती मानकर अपनी अमूल्य धरोहर जंगलों की रक्षा का संकल्प लेने की अपील की।






















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