लोहाघाट। एक अप्रैल से बिजली की दरें बढाने के प्रस्ताव को लेकर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं के साथ बैठक का आयोजन किया। इस दौरान उपभोक्ताओं ने नई दरों के प्रस्ताव को एक सिरे से खारिज किया।
मंगलवार को ब्लाक सभागार लोहाघाट में आयोजित बैठक में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष मदन लाल ने बताया कि राज्य की बिजली कंपनियों में यूपीसीएल, पिटकुल, यूजेवीएन लिमि. और एसएलडीसी ने बिजली की दरों में बढोतरी का प्रस्ताव रखा है। जिसमें बिजली की कंपनियों की ओर से 29.23 फीसदी की दरों में बढोतरी प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि इस बारे में राज्य के विभिन्न स्थानों में आम उपभोक्ताओं का पक्ष जानने के लिए सुनवाईयां आयोजित की गई है। जन सुनवाई में घरेलू और अघरेलू श्रेणी, उद्योग श्रेणी, पीटीडब्लू के उपभोक्ताओं के सुधावों और आपत्तियों के बाद नई बिजली की दरें आने वाले एक अप्रैल की नई बिजली की दरें लागू होंगे। व्यापार मंडल अध्यक्ष मनीष जुकरिया ने पहाड़ की भौगौलिक परिस्थितयों को देखते हुए इसे लागू न करने और हर महीने बिजली का बिल देने की बात कही। ग्राम प्रधान संगठन प्रदेश उपाध्यक्ष ने भी इसे पहाड़ों के हित में नहीं बताया। इस दौरान कुल 19 उपभोक्ताओं ने इस प्रस्ताव को एक सिरे से खारिज किया। इस मौके पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के सदस्य अनुराग शर्मा, नीरज सती,दीपक पांडेय, प्रभात किशोर डिमरी, गौरव शर्मा, ललित बिष्ट, अशोक कुंवर, विवेक ओली,हयात सिंह माहरा, चन्द्र प्रकाश, दिनेश सुतेड़ी आदि मौजूद रहे।






















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