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विधायक खुशाल अधिकारी ने सीएम धामी से मिलकर आपदाग्रस्त क्षेत्रो में राहत मानकों में शिथिलता प्रदान करने की मांग उठाई

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लोहाघाट। विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने सीएम धामी से आपदा पीड़ितों को रुद्रप्रयाग की तर्ज पर आपदा मानकों में शिथिलता प्रदान करने की मांग उठाई।
शनिवार को बनबसा में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आपदाग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण के बाद विधायक खुशाल सिंह अधिकारी सीएम पुष्कर सिंह धामी से मिले। जिसमें उन्होंने सीएम से कहा कि विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में आपदा से जनहानि, पशुहानि, कृषियोग्य भूमि के साथ कई लोग आपदा की चपेट में आकर आवासहीन हो गए हैं। इसके अलावा क्षेत्र में रास्ते सड़कों को भी भारी नुकसान हुआ है। विधायक अधिकारी ने कहा कि आपदा को रोका नहीं जा सकता है, जो कि आपके हमारे हाथ में नहीं है,लेकिन आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए हम जो प्रयास कर सकते हैं वह हमें करना चाहिए। उन्होंने सीएम से कहा कि उनके क्षेत्र गुमदेश के मटियानी के नकेला तोक के साथ अन्य गांवों में भी भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने सीएम धामी से
कहा कि उनके क्षेत्र में विशेष कृपा दृष्टि बनाते हुआ निम्न्न बिंदुओं में यथाशीघ्र कार्रवाई करने का कष्ट करेंगे –

1-क्योंकि चंपावत पिछड़ा क्षेत्र है और जिन क्षेत्रों में आपदा आई है वह अत्यंत गरीब और पिछड़े क्षेत्र हैं वहां के लोगों का भारी नुकसान हुआ है और जीवनचर्या पूर्ण रूप से प्रभावित हुई है, इन क्षेत्रों के लिए भी आपदा मानकों में छूट देते हुए राहत राशि को बढ़ाना और तीव्रता से राहत राशि का वितरण करना आवश्यक है।
2- जान माल की जो भी हानि हुई है उसके लिए जिस प्रकार से आपने रुद्रप्रयाग में आपदा मानकों में शिथिलता प्रदान की है और लोगों को उनके नुकसान के अनुसार यथासंभव मदद करने का प्रयास किया है इस गरीब व पिछड़े क्षेत्र के लिए भी मानकों में छूट दी जाय।

3-मेरा अनुरोध है कि कुछ क्षेत्र जहां व्यापक आपदा आई है जैसे ग्राम मटियानी और उसके आसपास के क्षेत्र अत्यंत असुरक्षित हो गए हैं ऐसे क्षेत्र का गहन सर्वेक्षण करा लिया जाए और यह देखना आवश्यक है कि वह क्षेत्र भविष्य में लोगों के लिए सुरक्षित है या नहीं है, यदि सुरक्षित नहीं है तो उनको यथाशीघ्र विस्थापन नीति के अंतर्गत विस्थापित कर लिया जाए।

4- जो राजकीय संपति की क्षति हुई है उसका भी यथानीघ्र पुनर्निर्माण कराना आवश्यक है। संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई कर पुनर्निमाण किया जाए।

5-अभी भी कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां मार्ग सड़कें बंद है और राजस्व के जो आपदा राहत कर्मचारी व दल है प्रभावित क्षेत्रों में नहीं पहुंच पाए है ऐसे क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखते हुए ऐसे प्रबंध करने की आवश्यकता है कि आज ही राहत दल वहां पहुंचे और उचित सहायता प्रभावितों को प्रदान की जा सके।

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कुमाऊँ बुलेटिन के लेखक, जो उत्तराखंड की खबरों और घटनाओं पर विशेष ध्यान देते हैं। अपने शोध और लेखन के माध्यम से, ये लेखक पाठकों को राज्य की राजनीति, समाज, पर्यावरण, पर्यटन, खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, अपराध और मनोरंजन की ताजा और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करते हैं। इनका उद्देश्य है कि पाठकों को स्थानीय घटनाओं और मुद्दों की सही और विस्तृत जानकारी मिले, जिससे वे अपने राज्य की गतिविधियों से जुड़े रहें और जागरूक रहें।

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